बंगाल-उड़ीसा में आइला तूफान ने मचाई तबाही
Tuesday, May 26, 2009
बंगाल की खाड़ी में पैदा हुए निम्न दबाव के कारण आए चक्रवाती तूफान और बारिश ने सोमवार को पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में भीषण तबाही मचाई। हालांकि उड़ीसा से किसी अप्रिय घटना का समाचार नहीं है, लेकिन पश्चिम बंगाल में 36 लोग मारे गए। एक लाख से अधिक बेघर हो गए। तूफान ने सबसे पहले सुंदरबन पर हिट किया। वैज्ञानिकों ने पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में मंगलवार को भारी वर्षा की चेतावनी दी है। इसके मद्देनजर मछुआरों को समुद्र में उतरने से मना किया गया है। मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटे तक बंगाल पर खतरा बरकरार है। तेज़ बारिश और 100-120 किलोमीटर प्रति घंटे रफ्तार वाली तूफानी हवाओं ने घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को ठप्प कर दिया है. कोलकाता के नेता जी सुभाष चंद्र बोस हवाई अड्डे पर दोपहर 2 बजे के बाद से यातायात ठप्प हो गया।
मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई और पैरा मिलिट्री फोर्स व सेना को अलर्ट कर दिया। तटीय इलाकों पर खास नजर रखी जा रही है। केंद्र सरकार ने भी राहत और बचाव के लिए मदद की है। एनडीआरएफ की चार कंपनियां राहत के लिए भेजी गई हैं। उड़ीसा और असम से भी चार अतिरिक्त कंपनियां पश्चिम बंगाल भेजी गई हैं। इस तूफान का सबसे ज्यादा असर पूर्वी मिदनापुर, हावड़ा, हुगली, बर्दमान, दक्षिण 24 परगना और कोलकाता पर हुआ है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने तूफान में मरने वालों के परिवारवालों के लिए दो लाख की तत्काल सहायता राशि देने की घोषणा की है। स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने बड़े पैमाने पर राहत कार्यो को शुरू किया है। सौ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आए तूफान में सैकड़ों घर जमींदोज हो गए। संचार और यातायात व्यवस्था भी ठप हो गई। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए सेना और सुरक्षाबलों की मदद ली जा रही है। केंद्र सरकार ने दोनों राज्य सरकारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।
उत्तर चौबीस परगना में दस, दक्षिण चौबीस परगना में ग्यारह, कोलकाता में पांच, हावड़ा में चार, हुगली में तीन और नदिया, बांकुरा और मेदिनीपुर में एक-एक लोगों के मरने की सूचना है। अनेक लापता हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर 18 लोगों के मरने की पुष्टि की गई है। दक्षिण चौबीस परगना में नदी का बांध टूट जाने और पूर्व मेदिनीपुर के दीघा में समुद्र में ज्वार आने से दर्जनों गावों में पानी घुस गया है। कोलकाता में बिजली व टेलीफोन के तार टूट जाने से कई इलाकों में टेलीफोन सेवा व विद्युत आपूर्ति ठप हो गई।
'आइला' नाम के इस तूफान के कहर के मद्देनजर मुख्यमंत्री बुद्धदेव भंट्टाचार्य ने तूफान में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के बारे में अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मौसम विभाग के निदेशक जीसी देवनाथ ने बताया कि तूफान की गति 120 किलोमीटर तक होने की आशंका थी। लेकिन तूफान ने अचानक अपना मार्ग बदल दिया और हावड़ा होते हुए निकल गया।
इस चक्रवाती तूफान के कारण उड़ीसा के तटीय जिलों कटक, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक तथा बालासोर के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए। कच्चे मकान और झोपड़ियां ध्वस्त हो गईं। बड़ी संख्या में पेड़ उखड़ गए, कई राजमार्ग मार्ग अवरूद्ध हो गए हैं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। उड़ीसा सरकार ने तूफान प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है।
आपदा से निपटने के लिए सरकार तैयार
पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में समुद्री तूफान 'आइला' की दस्तक के बाद गृह मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन तंत्र को मुस्तैद कर दिया है। गृह मंत्री पी. चिदंबरम के मुताबिक, राष्ट्रीय आपदा त्वरित बल [एनडीआरएफ] मदद की जरूरत वाले क्षेत्रों में डट गए हैं। पश्चिम बंगाल के अलावा उड़ीसा में भी मंगलवार तक एनडीआरएफ की चार कंपनियां बोटों के साथ तैनात हो जाएंगी। इसी तरह बीएसएफ का नौका दस्ता भी पूरी तरह तैयार है। इसके अलावा सरकार स्थिति पर पूरी तरह नजर रखे हुए है। जरूरत के मुताबिक, हर कदम के लिए सरकार तैयार है।
ममता नहीं जाएंगी दिल्ली
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आए चक्रवात के चलते रेल मंत्री ममता बनर्जी के आज दिल्ली जाने की संभावना नहीं है।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद मुकुल राय ने बताया कि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि दोपहर तक चक्रवात कोलकाता और दक्षिणी बंगाल के विभिन्न जिलों तक पहुंच सकता है। इसके चलते ममता को यह लग रहा है कि उन्हें लोगों के साथ यहीं रहना चाहिए। शनिवार की शाम को कोलकाता पहुंची ममता को आज दिल्ली जाना था। पार्टी के महासचिव राय ने बताया ममता ने चक्रवात के बारे में केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से भी फोन पर चर्चा की है।








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